Potato Men of Bihar
सन 2014 की वो यादगार यात्रा राजेंद्र यादव एवं राजेंद्र मंडल जी कभी नहीं भूल पाते। यादव साहब सुपौल के राघोपुर से और मंडल जी कटिहार से। बिहार के दो अलग अलग भू भाग से। मगर दोनो पहुंचे थे पटना के आवासीय किसान प्रशिक्षण केंद्र Bameti जहां आने के बाद विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ रहने का मौका मिला और ये सभी आपस में न सिर्फ अपनी किसानी की बातों को एक दूसरे के साथ शेयर किया बल्कि Bameti के वैज्ञानिकों से प्राप्त शिक्षा से अपने पूर्व ज्ञान को और भी परिष्कृत करने का मौका मिला खासकर आलू के बीज बनाने की विधि सबसे दुरूह जानकारों में से एक थी जिसके बारे में न सिर्फ इन्होंने जाना बल्कि वापस जाकर इसका प्रयोग अपने खेतों में करके उन्नत बीज बनाने की मिशाल कायम की और पांच एक उच्च स्तर का व्यापार कर पा रहे हैं। Bameti द्वारा आलू अनुसंधान केंद्र पटना का भ्रमण कराया गया और फील्ड विजिट भी कराए गए जिससे किसानों को अपनी आंखों से पौधों के हर रंग रूप हर स्टेज के बारे में जानने का मौका मिला। आलू के बीज से दोस्ती के नए पौधे का जन्म हुआ जो आजतक अक्षय भंडार की तरह अक्षुण्ण है। श्री राजेंद्र यादव जी ज...